Category: Fiction
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संस्कृत साहित्य के अनुपम कवि कालिदास, जिनकी कृतियाँ आज भी मानवीय अनुभूतियों की ऊँचाइयों को छूती हैं, स्वयं रहस्य से ढके हुए हैं। न उनका जीवनकाल स्पष्ट है, न उनका निवास, और न ही उनके संघर्षों का कोई ठोस प्रमाण। केवल किंवदंतियाँ और लोक कथाएँ ही हमारे पास शेष हैं।
यही रहस्य इस उपन्यास में जीवंत हो उठता है। किशोरावस्था से महाकवि बनने की लंबी यात्रा, यौवन और प्रेम के रंग, विवाह और दरबार की उलझनें, आदर्शों और सत्ता के टकराव, वनवास की पीड़ा और अंततः अंतिम प्रेम की मार्मिक परिणति। यह सब पाँच प्रेम-कथाओं और सात अमर रचनाओं के ताने-बाने में गुँथा हुआ है।
भारतीय समाज की विविध छवियों और प्रकृति के उत्सव से सुसज्जित यह कथा पाठकों को कालिदास के जीवन और मानस की रोमांचक सैर कराती है। यह उपन्यास न केवल साहित्य के शिखर पुरुष की जीवनी है, बल्कि प्रेम, संघर्ष और सृजन की अनूठी महागाथा भी है।
The author: Yugal Joshi
